आयरन सुक्रोज सप्ताह के तहत सैकड़ों महिलाओं को मिला लाभ
मंडलायुक्त ने किया आयरन सुक्रोज कैंप का उद्घाटन
गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण और देखभाल का दिया संदेश

सिकंदराराऊ (हाथरस): ‘आयरन सुक्रोज सप्ताह’ के अंतर्गत हीमोग्लोबिन की कमी से जूझ रही गर्भवती महिलाओं के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सिकंदराराऊ में विशेष कैंप का आयोजन किया गया। शनिवार को अलीगढ़ मंडल की मंडलायुक्त श्रीमती संगीता सिंह ने जिलाधिकारी श्री अतुल वत्स के साथ फीता काटकर इस शिविर का विधिवत उद्घाटन किया।

महिलाओं से संवाद और प्रोत्साहन
उद्घाटन के पश्चात मंडलायुक्त महोदया ने आयरन सुक्रोज की डोज ले रही महिलाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने महिलाओं को फल की डलिया भेंट करते हुए संतुलित आहार लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि चिकित्सक के परामर्श के अनुसार आयरन सुक्रोज की सभी निर्धारित डोज लेना अनिवार्य है, ताकि हीमोग्लोबिन के स्तर को सामान्य बनाया जा सके।
सराहनीय प्रयास और अब तक की प्रगति
निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक प्रभावी ढंग से टीकाकरण और डोज का वितरण किया गया है, जिसके आंकड़े निम्नवत हैं:
प्रथम डोज: 229 महिलाएँ, द्वितीय डोज: 141 महिलाएँ, तृतीय डोज: 149 महिलाएँ, चतुर्थ डोज: 93 महिलाएँ, पंचम डोज: 15 महिलाएँ
मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी की इस पहल और स्वास्थ्य विभाग की टीम की कार्यकुशलता की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
क्यों जरूरी है आयरन सुक्रोज?
मण्डलायुक्त ने स्वास्थ्य के प्रति सचेत करते हुए बताया कि:
जीवन की सुरक्षा: हीमोग्लोबिन की कमी से प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा रहता है, जो माँ और शिशु दोनों के लिए जानलेवा हो सकता है।
कुपोषण पर वार: शासन की मंशा के अनुरूप इन शिविरों का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर को सुधारना है।
पूर्व चिह्नीकरण: जिलाधिकारी के निर्देश पर ओपीडी में आने वाली उन महिलाओं को पहले ही चिह्नित किया जा रहा है जिनका हीमोग्लोबिन स्तर मानक से कम है।
अधिकारियों को निर्देश –
मंडलायुक्त ने उपस्थित चिकित्स कों और अधिकारियों को निर्देशित किया कि ‘आयरन सुक्रोज सप्ताह’ का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की अधिक से अधिक महिलाएं इस सुविधा का लाभ उठा सकें और भविष्य की जटिलताओं से बच सकें।
उपस्थिति: इस अवसर पर उप जिलाधिकारी (सि0राऊ), खंड विकास अधिकारी, संबंधित विभागीय अधिकारी, चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
