तकनीकी दक्षता के साथ संवेदनशीलता और नैतिक मूल्य जरूरी : प्रो. दिनेश शर्मा
अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंस (डीएएचएस) के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक एवं व्यावहारिक ज्ञान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से केडी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का शैक्षिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को अस्पताल की कार्यप्रणाली, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, रोगी देखभाल प्रणाली तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न आयामों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना था।
भ्रमण के लिए विद्यार्थियों को संयुक्त कुलसचिव प्रो. दिनेश शर्मा ने विश्वविद्यालय परिसर से रवाना किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विद्यार्थियों का पेशा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे तकनीकी दक्षता के साथ-साथ संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों को भी अपने व्यवहार में शामिल करें, जिससे वे भविष्य में एक उत्कृष्ट स्वास्थ्यकर्मी बन सकें।
शिक्षक आकाश दीप सिंह, विनोद कुमार व शुभम पुनेडा के नेतृत्व में मथुरा स्थित मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों ने विभिन्न विभागों का अवलोकन किया। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, रेडियोलॉजी विभाग, पैथोलॉजी लैब, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू तथा ओपीडी की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा। चिकित्साधिक्षक डा. गगनदीप ने चिकित्सा शिक्षा के महत्व और आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर जानकारी प्रदान की।
चित्र परिचय – 01 मंगलायतन विश्वविद्यालय से शैक्षिक भ्रमण के लिए विद्यार्थियों को रवाना करते संयुक्त कुलसचिव प्रो. दिनेश शर्मा।
——————
शिमला स्थित राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला का शैक्षणिक भ्रमण
अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंसेज तथा जैव प्रौद्योगिकी एवं लाइफ साइंसेज विभाग द्वारा विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित राज्य फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एसएफएसएल) में कराया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को फॉरेंसिक विज्ञान की व्यावहारिक कार्यप्रणाली एवं विभिन्न वैज्ञानिक जांच प्रक्रियाओं से अवगत कराना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को प्रयोगशाला के विभिन्न विभागों का विस्तृत अवलोकन कराया गया।
एसएफएसएल की निदेशक मीनाक्षी महाजन ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए फॉरेंसिक विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी मुकेश शर्मा ने डिजिटल फॉरेंसिक डिवीजन, दस्तावेज एवं फोटोग्राफी विभाग, बैलिस्टिक डिवीजन तथा सेरोलॉजी विभाग की जानकारी ने दी। वहीं सहायक निदेशक डा. सुरेंद्र पाल ने केमिस्ट्री एवं टॉक्सिकोलॉजी, साइकोलॉजी, वॉयस एनालिसिस तथा बायोलॉजी डिवीजन की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। शैक्षणिक भ्रमण शिक्षक श्रेष्ठा उपाध्याय, डा. रवि शेखर व आयुषी शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
♦
चित्र परिचय – 02 शिमला की फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के शैक्षणिक भ्रमण के दौरान मंगलायतन विश्वविद्यालय के विद्यार्थी व प्राध्यापक।
