सिकंदराराऊ मैं मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है – यशपाल सिंह चोहान
जल निगम परियोजना में बड़े पैमाने पर : घोटाले की बू



हाथरस । जनपद के सिकंदराराऊ व पुरदिलनगर मैं जल निगम एवं संबंधित ठेकेदारों पर विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और घोटाले का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान ने मामले की उच्चस्तरीय समिति से जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र लिखा है।
पूर्व विधायक ने अपने पत्र में बताया कि नगर पालिका एवं पुरदिलनगर टाउन एरिया के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। पाइप बिछाने के लिए की गई खुदाई तथा सीसी रोड कटिंग के बाद पुनर्स्थापन कार्य मानक के अनुरूप नहीं है। नियमों के अनुसार पाइप के ऊपर कम से कम एक मीटर मिट्टी की परत होनी चाहिए, लेकिन अधिकांश स्थानों पर यह गहराई नहीं रखी गई है, जिससे भविष्य में सड़क पर वाहनों के आवागमन से पाइप क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि डीआई पाइपों के जोड़ में न तो गैपिंग की गई है, न ही सफेद रेत डाली गई है, न कम्पैक्शन कराया गया है और न ही गिट्टी का प्रयोग किया गया है। कई स्थानों पर पुराने व जंग लगे पाइप बिछाए गए हैं, जो मानकों के विपरीत हैं। सीसी रोड कटिंग के बाद गलियों में मात्र दो से तीन इंच मोटी सीसी डाली जा रही है, जबकि मानक के अनुसार पीसीसी चार इंच तथा सीसी छह इंच होनी चाहिए।
चौहान ने यह भी कहा कि गलियों में इंटरलॉकिंग टाइल्स बिना मानक के लगाई जा रही हैं तथा किसी भी सामग्री की लैब से टेस्टिंग नहीं कराई जा रही है। पानी सप्लाई के लिए बनाई जा रही टंकियों की क्यू (क्वालिटी) टेस्टिंग नहीं हो रही है और पंप हाउसों में प्रयुक्त सामग्री की भी कोई परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है, जिससे भवनों व टंकियों के क्षतिग्रस्त होने तथा जनहानि की आशंका बनी हुई है।


उन्होंने बताया कि क्रीड़ा स्थल स्थित पुराने जलाशय की मरम्मत के लिए आए धन का भी सही उपयोग न करते हुए केवल पुताई कर औपचारिकता पूरी की गई है। चूड़ी मार्केट, नौरंगाबाद, सिनेमाघर के अलावा तहसील मैं सप्लाई आफिस तक डाली गई पानी की लाइन के पश्चात उखाड़े गए खरंजे को भी छोटा कर विना रेत डाले पुरानी ईंटों से उल्टा सीधा वना दिया है जो जगह जगह बेठ गया है अन्य कई जगह हरिजन बस्ती सहित कई क्षेत्रों में लाइनें मात्र एक से डेढ़ फीट की गहराई पर डाली गई हैं। पूर्व विधायक ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जलकर कार्य योजना में हुए भारी पैमाने पर धन के दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
