भगवान परशुराम की जय ब्राह्मण समाज की जय के जय घोषों से गुंजायमान होगा हाथरस।
कई दर्जन झांकी बैंड-बाजों सहित भगवान परशुराम जी अपने नव निर्मित रथ में विराजमान होकर हिन्दू नववर्ष नवसंवत्सर पर करेंगे नगर भ्रमण
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सन् १९७८ से चली आ रही परंपरागत ब्राह्मण महासभा द्वारा भगवान परशुराम जी की शोभा यात्रा पंडित योगेन्द्र शर्मा जी ( योगा पंडित) की अध्यक्षता में ४८ वीं शोभा यात्रा एक बार फिर हाथरस में निकलेगी।
जहां इस वार रथयात्रा के मार्ग में कोई परिवर्तन नहीं होगा परन्तु परशुराम शोभा यात्रा के नवीनीकृत रथ में सवार होकर गाजे बाजे के साथ अस्त्र शस्त्र के ज्ञाता विष्णु के छठे अवतार चिरंजीवी जमदग्नि पुत्र परशुराम भगवान हाथरस नगर भ्रमण करेंगे।
वैसे तो २ माह पूर्व से ही ब्राह्मण महासभा हाथरस द्वारा इसके आयोजन की तैयारियां शुरू कर दीं गयीं थीं जब रथ के जीर्णोद्धार के लिए समिति ने जी जान से कार्य आरंभ कर दिया था। परन्तु पिछले एक हफ्ते से ब्राह्मण युवाओं में एक अलग ही उत्साह बना हुआ है। युवा वर्ग घर में रखे परशुराम के प्रतीक चिन्ह फरसा को चमकाने में लगे हैं। वहीं पांडित्य के आचार्य अपने धोती कुर्ता अंगरखा तैयार कर रहे हैं।
इस बार मेले की खासियत व आकर्षण का केन्द्र होगी ब्राह्मण समाज की महिला विग्रेड जो परशुराम प्रतीक चिन्ह फरसा धारण कर पुरुषों के साथ साथ नगर भ्रमण करेगी। साथ ही नवरात्र के प्रारंभ पर ९ काली व १८ भैरव का आकर्षण यात्रा की शोभा में चार चांद लगा देंगी।
ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष व कार्यकर्ता शोभा यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण देने रात्रि तक गांव गांव जाकर शोभा यात्रा में ब्राह्मण समाज की एकता के साथ शोभा यात्रा में शामिल होने के लिए ब्राह्मण समाज को अनुरोध कर रहे हैं।
ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा, महामंत्री जय शर्मा, तरुण शर्मा प्रशांत शर्मा विशाल सारस्वत , कुल कुल पंडित करन शर्मा, संजीव उपाध्याय,राजेंद्र नाथ चतुर्वेदी, संजय शर्मा, शम्भू नाथ पुरोहित,डा विकास शर्मा मयंक शर्मा, शुभम् पचौरी साकेत उपाध्याय प्रतीक शर्मा, उदित शर्मा, जयप्रकाश तिवारी, सुबोध शर्मा आदि लोगों की टोली ब्राह्मण समाज के घर घर जाकर शोभा यात्रा में शामिल होने का अनुरोध कर रही है।
इस अवसर पर ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष पं योगेन्द्र शर्मा ने हाथरस जिले के सभी ब्राह्मण बन्धुओं व अन्य समाज से परिवार व मित्रों सहित शोभायात्रा में शामिल होने तथा भगवान परशुराम जी की यात्रा आरंभ स्थल चित्रकूट बग़ीची से दोपहर ३बजे से समापन स्थल अटल टाल रात्रि विश्राम तक साथ साथ चलने के साथ यात्रा में शालीनता व समरसता का परिचय देने का अनुरोध किया है।
